तेरे लिए कुछ लिखने चलूँ तो शब्द कम पड़ जाते हैं। तेरे लिए कुछ लिखने चलूँ तो शब्द कम पड़ जाते हैं।
आजा फिर से घर घर खेलें गुड्डे गुड्डी का ब्याह रचाएं। आजा फिर से घर घर खेलें गुड्डे गुड्डी का ब्याह रचाएं।
कंधो की कमी को हमने पूरा किया हर एक को अपने अपना कंधा दिया । कंधो की कमी को हमने पूरा किया हर एक को अपने अपना कंधा दिया ।
कंधो की कमी को हमने पूरा किया हर एक को अपने अपना कंधा दिया। कंधो की कमी को हमने पूरा किया हर एक को अपने अपना कंधा दिया।
तुम तो ऐसे न थे, हवाओं के साथ बहते न थे। तुम तो ऐसे न थे, हवाओं के साथ बहते न थे।
गरीबी इंसान को लाचार बना देती है.... जो दिन ना देखे वो सब दिखाती है। गरीबी इंसान को लाचार बना देती है.... जो दिन ना देखे वो सब दिखाती है।